बुलंद होसलों की कहानी- best motivational story

आज कल हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण पर काफी जोर दे रही है और बात भी सही है महिलाओ से ही देश बनता है यानि जिस देश की जितनी ज्यादा महिलाए जागरूक और साक्षर होंगी वो देश उतनी जल्दी तरक्की करेगा. हालांकि कई ऐसी महिलाये है जो राष्ट्रीय ही नही बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पा चुकी है और अपने देश का नाम रोशन कर चुकी है. लेकिन इसके बावजूद कई ऐसे काम है जो महिलाओ को नही करने दिए जाते यानि ऐसा कहा जाता है की ये काम महिलाये नही कर सकती. और इस धारणा को कई महिलाओ ने तोडा भी है जैसे दिल्ली में पहली बस महिला ड्राईवर  Vankadarath Saritha, और भारतीय पहली महिला फाइटर पायलेट अवनी चतुर्वेदी, भावना कांत और मोहना सिंह आदि. और इसी तरह से एक महिला और है जो हमारे समाज की इस अवधारणा को तोड़ता है कि जो काम पुरुष कर सकते है वो काम महिलाये नही कर सकती. उनका नाम है “shanti devi” इन्हें शायद कोई बड़ा आवार्ड नही  मिला न ही मीडिया ने इनकी स्टोरी पब्लिश की. लेकिन इनके काम और जज्बे को देखते हुए हम इनकी स्टोरी बताते है जो हमें प्रेरित करती है.. 

shanti devi भारत की पहली महिला ट्रक मकैनिक है. जो एशिया के सबसे बड़े ट्रक पार्किंग संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में काम करती है दिल्ली के इस संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में लगभग एक साथ 70 हजार ट्रक खड़े हो सकते है. 20 साल पहले शांति देवी ने संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में चाय की दुकान से शुरुआत की और फिर वही पर उनके पति ने ट्रक मकैनिक की दुकान भी खोल ली और शांति देवी अपने पति का हाथ बटाने लगी और आज भले ही उनके पास डिग्री न हो लेकिन वो प्रोफेशनल ट्रक मकैनिक है. 55 साल की शांति देवी रोज 10-15 ट्रक के टायर का पैंचर लगाती है जबकि टायर का वज़न 50 किलो से ज्यादा है और यही नही शांति देवी कॉलेजों में मोटिवेशन स्पीच भी देती है. उनका मानना है की वो हर फिजिकल काम कर सकती है जो एक आदमी कर सकता है…

इस तरह की कहानी सुनने में और सुनाने में बड़ा अच्छा लगता है उम्मीद है, आपको भी shanti devi जैसे लोगो की कहानी जान कर मोटिवेशन मिलता होगा. ऐसे लोग जो समाज की गलत प्रथाओ या अवधारण को तोड़ते है उनसे हम काफी कुछ सिख पाते है..

 
Posted in Girls & Women Empowerment on April 01 2017 at 08:04 AM

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